Diabetes Patients Alert: दाद-खाज और खुजली को हल्के में लेना पड़ सकता है भारी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
डायबिटीज (मधुमेह) केवल रक्त में शुगर का स्तर बढ़ाने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी प्रभावित करती है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को त्वचा संबंधी समस्याओं, विशेष रूप से दाद, खाज और खुजली को लेकर अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य लोगों की तुलना में मधुमेह रोगियों में फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा कई गुना अधिक होता है। यदि समय पर इलाज न किया जाए तो एक साधारण खुजली भी गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती है।
क्यों बढ़ जाता है दाद-खाज का खतरा?
विशेषज्ञों के अनुसार जब रक्त में शुगर का स्तर लगातार अधिक बना रहता है, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने लगती है। इससे बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिल जाता है। खासकर शरीर के वे हिस्से जहां पसीना अधिक आता है, जैसे बगल, कमर, जांघों के आसपास और पैरों की उंगलियों के बीच, वहां संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि अधिक शुगर फंगस के लिए भोजन की तरह काम करती है। यही वजह है कि अनियंत्रित डायबिटीज वाले लोगों में दाद और फंगल इंफेक्शन की समस्या बार-बार देखने को मिलती है। कई बार मरीज दवा लेने के बाद ठीक तो हो जाते हैं, लेकिन शुगर नियंत्रित न होने के कारण संक्रमण दोबारा लौट आता है।
त्वचा पर दिख सकते हैं ये संकेत
मधुमेह रोगियों को त्वचा में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए। लगातार खुजली होना, त्वचा का लाल पड़ना, गोलाकार चकत्ते बनना, जलन महसूस होना या त्वचा का छिलना फंगल संक्रमण के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। कई मामलों में त्वचा अत्यधिक सूखी हो जाती है, जिससे खुजली और बढ़ जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुछ मरीज इन लक्षणों को सामान्य त्वचा समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि संक्रमण धीरे-धीरे शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है। इसलिए शुरुआती संकेत दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
घाव भरने में लग सकता है ज्यादा समय
डायबिटीज के मरीजों में रक्त संचार प्रभावित होने के कारण घाव सामान्य लोगों की तुलना में धीरे भरते हैं। यदि खुजली के कारण त्वचा पर खरोंच या घाव बन जाए तो संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। कई बार छोटी सी खरोंच बैक्टीरिया के प्रवेश का रास्ता बन जाती है, जिससे गंभीर त्वचा संक्रमण हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमेह रोगियों को त्वचा को खुजलाने से बचना चाहिए। बार-बार खुजलाने से त्वचा की ऊपरी परत क्षतिग्रस्त हो सकती है और संक्रमण गहरा हो सकता है। ऐसे मामलों में डॉक्टर की सलाह के अनुसार उचित उपचार लेना आवश्यक होता है।
बरसात और गर्मी के मौसम में बढ़ जाती है परेशानी
गर्मी और मानसून के मौसम में डायबिटीज मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस दौरान अत्यधिक पसीना और नमी फंगस के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं। तंग कपड़े पहनने और लंबे समय तक पसीने में रहने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सूती और ढीले कपड़े पहनें, शरीर को साफ और सूखा रखें तथा पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें। इससे फंगल संक्रमण की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है। व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना इस समस्या से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के क्रीम लगाने से बचें
कई लोग मेडिकल स्टोर से सीधे खुजली या दाद की क्रीम खरीदकर इस्तेमाल करने लगते हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत नुकसानदायक हो सकती है। कुछ क्रीमों में स्टेरॉयड होता है, जो अस्थायी राहत तो देता है लेकिन संक्रमण को भीतर ही भीतर बढ़ा सकता है।
डायबिटीज मरीजों में यह जोखिम और भी अधिक होता है। गलत दवा के कारण संक्रमण लंबे समय तक बना रह सकता है और उपचार जटिल हो सकता है। इसलिए किसी भी त्वचा समस्या के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज मरीजों को सबसे पहले अपने रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित रखना चाहिए। नियंत्रित शुगर स्तर संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके अलावा रोजाना स्नान करना, त्वचा को सूखा रखना, साफ कपड़े पहनना और व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करना भी महत्वपूर्ण है।
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त पानी पीना भी त्वचा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यदि किसी प्रकार की खुजली, लालिमा या फंगल संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विशेषज्ञों की राय
त्वचा रोग विशेषज्ञों का मानना है कि दाद-खाज और खुजली को मधुमेह रोगी कभी भी हल्के में न लें। यह केवल एक सामान्य त्वचा समस्या नहीं बल्कि शरीर में बढ़ते संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। समय पर पहचान और सही उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और शुगर नियंत्रण ही मधुमेह रोगियों को त्वचा संक्रमण से सुरक्षित रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। इसलिए यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं और लगातार खुजली या दाद जैसी समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। इससे न केवल संक्रमण पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सकेगा, बल्कि आपकी त्वचा और संपूर्ण स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा।

कोई टिप्पणी नहीं